0

मेरठ में रैपिड रेल और एक्सप्रेस-वे से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई उड़ान, क्रिटिकल केयर सेंटर से सुधरेगा इलाज

By Jan 9, 2026

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। रैपिड रेल कॉरिडोर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से मेरठ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिल रही है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली के बड़े अस्पतालों की शाखाएं यहां खुलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

सरकारी स्तर पर, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर और 100 बेड का ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और आसपास के जिलों के गंभीर रूप से बीमार मरीजों और दुर्घटनाओं में घायल लोगों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा। इससे मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली तक की दौड़ लगाने की आवश्यकता कम हो जाएगी।

क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर वर्ष 2026 के अक्टूबर तक शुरू होने की उम्मीद है। चार मंजिला भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इसमें आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। यह सेंटर हृदय, श्वसन, गुर्दे और संक्रामक रोगों से गंभीर रूप से पीड़ित रोगियों के लिए एक छत के नीचे उपचार प्रदान करेगा। वर्तमान में गंभीर मरीजों को विभिन्न विभागों में चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन क्रिटिकल केयर सेंटर चालू होने से समय की बचत होगी और मरीजों को गोल्डन आवर में समुचित इलाज मिल सकेगा। इसमें वेंटिलेटर युक्त बेड, डायलिसिस यूनिट और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था होगी।

लेवल-वन ट्रामा सेंटर की स्थापना

लखनऊ के एसजीपीजीआई की तर्ज पर यहां एक लेवल-वन ट्रामा सेंटर का निर्माण भी शुरू हो गया है। यह सेंटर गंभीर रूप से घायल मरीजों के उपचार के लिए होगा, जहां न्यूरोसर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन और प्लास्टिक सर्जन जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध होंगी। चार मंजिला भवन में 100 बेड, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ब्लड स्टोरेज यूनिट जैसी सुविधाएं होंगी। यह सुविधा 2027 तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

रोजगार सृजन और नई सुविधाएं

इन दोनों सेंटरों के निर्माण के बाद लगभग 256 नए पदों का सृजन होगा, जिसमें 50 विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे। इससे क्रिटिकल केयर, प्लास्टिक सर्जरी, मेडिसिन इमरजेंसी और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन जैसे विभागों में विशेषज्ञों की कमी दूर होगी। साथ ही, लगभग 200 नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों पर भर्ती होगी।

इसके अतिरिक्त, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का जच्चा-बच्चा ब्लॉक भी बनेगा, जिसमें आधुनिक लेबर रूम और नवजात शिशुओं के लिए गहन चिकित्सा इकाई (NICU) की सुविधा होगी। इससे स्त्री रोग विशेषज्ञों और बाल रोग विशेषज्ञों के आठ से 10 नए पद सृजित होंगे।

निजी अस्पतालों का भी विस्तार

कनेक्टिविटी में सुधार और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ, 2026 तक मेरठ में मैक्स, फोर्टिस और अपोलो जैसे बड़े निजी अस्पताल भी खुलने की संभावना है। स्थानीय निजी अस्पताल भी अपनी सुविधाओं को अपडेट कर रहे हैं, जिससे हृदय रोग, न्यूरोसर्जरी और कैंसर जैसे जटिल रोगों के इलाज की आधुनिक सुविधाएं अब मेरठ में भी उपलब्ध होने लगी हैं।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें