HDFC AMC के शेयर 50% गिरे, फिर भी निवेशकों को नहीं हुआ नुकसान, जानिए क्यों
देश के सबसे बड़े वित्तीय समूह, HDFC ग्रुप की प्रमुख कंपनी HDFC AMC के शेयरों में मंगलवार को 5,336.50 रुपये पर बंद होने के बाद बुधवार को अचानक 50% की गिरावट देखी गई। शेयर 2,682 रुपये पर खुले, जिसने निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर दी। हालांकि, यह गिरावट वास्तविक नुकसान नहीं है, बल्कि यह कंपनी द्वारा घोषित बोनस इश्यू का परिणाम है।
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रत्येक मौजूदा शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर देने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर थे, उन्हें अब दोगुने शेयर मिलेंगे। इस बोनस इश्यू के कारण, प्रति शेयर का मूल्य स्वाभाविक रूप से आधा हो गया है, जिससे शेयर की कीमत में यह 50% की गिरावट दर्ज हुई है।
बोनस इश्यू वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कंपनियां अपने मौजूदा शेयरधारकों को मुफ्त में अतिरिक्त शेयर आवंटित करती हैं। यह आमतौर पर तब किया जाता है जब कंपनी के पास पर्याप्त लाभ और आरक्षित निधि होती है और वह इन लाभों को शेयरधारकों के साथ साझा करना चाहती है। बोनस शेयर जारी करने से कंपनी के शेयरों का बाजार मूल्य कम हो जाता है, जिससे वे अन्य निवेशकों के लिए अधिक सुलभ और आकर्षक बन जाते हैं। इससे शेयर की मांग बढ़ सकती है और अंततः शेयर की कीमत में वृद्धि हो सकती है।
HDFC AMC ने इस बोनस इश्यू के लिए 26 नवंबर को रिकॉर्ड डेट के रूप में निर्धारित किया था। इसका अर्थ है कि वे सभी शेयरधारक जो 26 नवंबर तक कंपनी के शेयरधारक थे, वे इस बोनस शेयर के लाभ के पात्र होंगे।
यह बोनस इश्यू की घोषणा कंपनी ने इस साल 15 अक्टूबर को अपने दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों के साथ की थी। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 718.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 576.61 करोड़ रुपये के लाभ की तुलना में लगभग 25% की वृद्धि दर्शाता है। यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कंपनी के विस्तार और लाभप्रदता को दर्शाता है, जिसने बोनस इश्यू जैसे शेयरधारक-अनुकूल कदम उठाने में योगदान दिया है।
