होम स्टे योजना को बढ़ावा: सोरों से दो प्रस्ताव, ग्रामीण क्षेत्रों में धीमी गति
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे और फार्म स्टे योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के तहत, सरकार निवेश पर सब्सिडी भी प्रदान कर रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।
तीर्थ नगरी सोरों में होम स्टे योजना को लेकर कुछ सकारात्मक रुझान देखने को मिला है, जहां स्थानीय दो व्यक्तियों ने पर्यटन विभाग को अपने प्रस्ताव सौंपे हैं। पर्यटन विभाग इन प्रस्तावों की बारीकी से जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। अलीगढ़ के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ और तीर्थ स्थलों पर ‘होम स्टे’ की सुविधा को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना लागू की है।
योजना के तहत, सरकार प्रस्ताव देने वालों को वित्तीय सहायता के रूप में सब्सिडी भी प्रदान करेगी। यह सब्सिडी निवेश की राशि पर आधारित होगी। उदाहरण के तौर पर, 10 लाख रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी, जबकि 30 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 20 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इससे अधिक के निवेश के लिए भी सब्सिडी की राशि सरकार द्वारा निर्धारित की गई है।
इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों में ‘फार्म स्टे’ योजना को लेकर अभी तक वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है, जैसी उम्मीद की जा रही थी। स्थानीय लोग इस योजना में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के बारे में जानकारी का अभाव इसकी एक बड़ी वजह हो सकता है। सरकार का उद्देश्य कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हों।
पर्यटन विभाग का मानना है कि जन जागरूकता अभियानों और योजना के लाभों को विस्तार से समझाने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी रुचि बढ़ाई जा सकती है। सब्सिडी का आकर्षक प्रावधान इस योजना को और अधिक लुभावना बना सकता है, बशर्ते कि इसके बारे में सही जानकारी लक्षित वर्ग तक पहुंचे। सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है ताकि प्रदेश के ग्रामीण और तीर्थ क्षेत्रों में पर्यटन का विकास हो सके।
