हनीट्रैप क्वीन साबिन का आतंक: वेल्डर से 2.32 लाख की ठगी, न्यूड वीडियो बनाने का आरोप
रामपुर में ‘हनीट्रैप क्वीन’ साबिन और उसके गिरोह का आतंक एक बार फिर सामने आया है। गिरोह ने वेल्डिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया। युवती से दोस्ती के बाद उसे ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की ठगी की गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की है।
सूत्रों के अनुसार, केमरी में वेल्डिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति के व्हाट्सएप पर एक युवती का संदेश आया। बातचीत बढ़ने पर युवती ने उसे बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 22 नवंबर को उत्तराखंड के रुद्रपुर बुलाया। वहां एक कमरे में बुलाए जाने पर पीड़ित को सुप्रिया, इकराबी, दीपक कश्यप, मुकेश, इशरत और एक अन्य युवक मिले। इन लोगों ने मिलकर कथित तौर पर पीड़ित की डंडों से पिटाई की और उसके बैंक खाते से ऑनलाइन 1,52,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
इसके बाद, आरोपियों ने पीड़ित को कार में बिठाया और रामपुर के गंज थानाक्षेत्र स्थित एक मकान पर ले गए। वहां हनीट्रैप गिरोह की सदस्य जौहरा उर्फ महक मौजूद थी। कथित तौर पर गन प्वाइंट पर लेकर पीड़ित के कपड़े उतरवाए गए और जौहरा के साथ आपत्तिजनक हालत में उसका वीडियो बनाया गया। इस वीडियो को प्रसारित करने की धमकी देकर उससे 80,000 रुपये और वसूल लिए गए।
24 नवंबर को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को शिकायती पत्र देकर आपबीती बताई। एसपी ने सीओ सिटी को जांच के आदेश दिए। सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में आरोप सही पाए गए हैं और प्राथमिकी दर्ज कराने की संस्तुति की गई है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि शहर कोतवाली में हनीट्रैप गिरोह पंजीकृत है और उसकी सदस्य जौहरा उर्फ महक व उसके साथियों के खिलाफ 2,32,000 रुपये वसूलने की शिकायत मिली है। जांच रिपोर्ट मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरोह की सरगना बरेली के मीरगंज निवासी साबिन बी है, जिसे गंज कोतवाली पुलिस पहले ही रामपुर की जौहरा उर्फ महक और इमरान के साथ गैंगस्टर एक्ट में जेल भेज चुकी है। वर्ष 2023 में इन तीनों के खिलाफ खोली गई हिस्ट्रीशीट के तहत साबिन पर तीन, जौहरा पर एक और इमरान पर चार मुकदमे दर्ज हैं।
सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह पहले फोन कर अमीर लोगों को फंसाता है, फिर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य खुद को पुलिस बताकर पीड़ित की पिटाई करते हैं और रुपये ऐंठते हैं। इससे पहले भी मुरादाबाद के डिलारी निवासी दीपक कुमार के साथ इस गिरोह ने ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें साबिन बी और जौहरा को जेल भेजा गया था।
सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह की महिलाएं कुछ पुलिसकर्मियों से भी मिली हुई हैं और पीड़ितों को ब्लैकमेल करने के लिए उनकी मदद लेती हैं। ऐसे ही एक मामले में, रामपुर सर्किल में तैनात एक दारोगा ने पीड़ित को बचाने के नाम पर अपने बैंक खाते में 90,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने पर दारोगा ने रुपये वापस कर दिए थे।
