हिमाचल में बेरोजगारी चरम पर, पांच लाख नौकरियों का वादा अधूरा; एबीवीपी ने जूते पॉलिश कर जताया विरोध
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और सत्ता में आने से पहले किए गए पांच लाख नौकरियों के वादे को पूरा न करने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को जिलाधीश कार्यालय के बाहर जूते पॉलिश कर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने युवाओं में व्याप्त निराशा और आक्रोश को व्यक्त किया।
विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। सरकार ने सत्ता में आने से पहले हर साल पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक अधूरा है। एबीवीपी के अनुसार, कांग्रेस सरकार के शासन में युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान, एबीवीपी ने जदरांगल में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में हो रही देरी और सरकारी उदासीनता पर भी गहरा आक्रोश जताया। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय भवन की पर्यावरण मंजूरी के लिए आवश्यक 30 करोड़ रुपये हिमाचल सरकार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को देने थे, लेकिन सरकार की निष्क्रियता के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना वर्षों से अधर में लटकी हुई है।
एबीवीपी के विभाग संयोजक जितेंद्र ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का युवा रोजगार, शिक्षा और विकास के मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल फंड जारी करने, भर्तियों की स्पष्ट समय-सीमा तय करने और ठोस कदम उठाने की मांग की। जितेंद्र ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो एबीवीपी पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी। यह विरोध प्रदर्शन राज्य में युवाओं के बीच पनप रहे असंतोष का एक स्पष्ट संकेत है।
