हाथरस नगर पालिका में फर्जी नियुक्ति का आरोप, सफाई कर्मियों ने जड़ा ताला
हाथरस नगर पालिका परिषद में उस वक्त हड़कंप मच गया जब संविदा सफाई कर्मियों ने पालिका अध्यक्ष पर नियमों को ताक पर रखकर फर्जी नियुक्तियां करने का आरोप लगाते हुए नगर पालिका पर ताला जड़ दिया। सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में जुटे सफाई कर्मियों ने पालिका परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए तत्काल इन फर्जी नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने पालिका परिसर में ही फर्श बिछाकर धरना शुरू कर दिया है, जिसके चलते पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ठप पड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, सफाई कर्मचारी संघ का आरोप है कि पालिका अध्यक्ष ने पूरी तरह से नियमों की अनदेखी करते हुए कई लोगों को गलत तरीके से नियुक्त किया है।
संघ की प्रमुख मांग है कि इन सभी कथित फर्जी नियुक्तियों को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। इसके साथ ही, संघ ने यह भी मांग उठाई है कि आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे लगभग 650 संविदा सफाई कर्मियों को स्थायी नियुक्ति प्रदान की जाए। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
गौरतलब है कि सोमवार को भी संविदा सफाई कर्मियों ने वाटर वर्क्स कार्यालय पर प्रदर्शन कर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। आज के प्रदर्शन में सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
संविदा सफाई कर्मियों के इस अचानक कार्य बहिष्कार के चलते हाथरस शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
