हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर फिर साइबर हमला, छात्रों और दानदाताओं का डेटा लीक
अमेरिका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एक बार फिर साइबर हमले की चपेट में आ गई है। हैकर्स ने इस बार फोन फिशिंग तकनीक का इस्तेमाल कर यूनिवर्सिटी के पुराने छात्रों, दानदाताओं और कुछ फैकल्टी सदस्यों के डेटाबेस में सेंध लगाई है। इस हमले में व्यक्तिगत संपर्क जानकारी, दान का विवरण, तथा धन उगाहने और पूर्व छात्रों की भागीदारी से संबंधित अन्य डेटा की चोरी हुई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार को हुई इस सेंधमारी के तुरंत बाद, उन्होंने हमलावर की सिस्टम तक पहुंच को हटा दिया और आगे किसी भी अनधिकृत पहुंच को रोक दिया। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के संचार निदेशक ने एक बयान में कहा कि वे इस घटना की जांच के लिए तृतीय-पक्ष साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी संभावित संदिग्ध की पहचान नहीं की जा सकी है।
यह इस साल दूसरी बार है जब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को साइबर हमले का सामना करना पड़ा है। यह घटना आइवी लीग स्कूलों पर हाल के महीनों में हुए साइबर हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले, 15 नवंबर को प्रिंसटन विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों, दानदाताओं, छात्रों और स्कूल समुदाय के अन्य सदस्यों का डेटाबेस हैक किया गया था। इसके अलावा, 31 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया के विकास और पूर्व छात्र गतिविधियों से संबंधित सूचना प्रणालियों में भी सेंधमारी हुई थी। इन लगातार हमलों ने अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
