हापुड़ में वायु प्रदूषण रिकॉर्ड स्तर पर, AQI 500 पार; स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
हापुड़ में वायु प्रदूषण ने इस सीजन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के पार पहुँच गया है। रविवार को सड़कों पर पानी के छिड़काव के बावजूद AQI दिनभर 500 के आसपास ही बना रहा। शाम को हवा चलने के बावजूद वायु की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ। शहर में प्रदूषण नियंत्रण के दोनों केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर जानलेवा स्थिति में पहुँच गया है।
प्रदूषण का प्रभाव अब आंखों और चेहरे पर चुभन के रूप में भी दिखने लगा है। सड़कों से उड़ती धूल और वाहनों से निकलने वाला धुआं सांसों पर भारी पड़ रहा है। प्रदूषण के कारण मौसम में सर्दी भी कम महसूस हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
पिछले एक सप्ताह से वायु की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। सामान्य AQI 50 होना चाहिए, लेकिन यह 500 के आसपास स्थिर हो गया है। पार्टिकुलेट मैटर (PM) 2.5 का स्तर 50 के मानक के सापेक्ष 420 और PM 10 का स्तर मानक से कई गुना बढ़कर 456 पर बना हुआ है। हवा में कार्बन और नाइट्रोजन की अधिकता भी सांसों की समस्या बढ़ा रही है।
विशेषज्ञों ने बताया कि PM-10 मोटे धूल कण होते हैं, जो जर्जर सड़कों से उड़ती धूल के कारण बढ़ते हैं। वहीं, धूल के साथ धुआं, रबर, तारकोल और रसायन के महीन कण PM-2.5 के रूप में हवा में मौजूद हैं। ये कण इतने महीन होते हैं कि फेफड़ों से होकर सीधे रक्त में मिल जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराता है।
सड़कों से वाहनों के टायरों की रगड़, अधिक धुआं उत्सर्जन और बार-बार ब्रेक लेने से तारकोल व रबर के कण हवा में मिल जाते हैं। इसके अलावा, जिले की कई सड़कें, जैसे लज्जापुरी, सबली मार्ग, जरौंठी रोड, एलएन रोड, मुंडलाना रोड, छपकौली-ककोड़ी मार्ग, ककोड़ी से लुकराणा मार्ग, बाबुगढ़ चौपला सर्विस रोड, गढ़ में स्याना रोड व मेरठ रोड, मेरठ रोड से असौड़ा रोड, जरौंठी रोड आदि जर्जर हो चुकी हैं, जो प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
स्थानीय निकायों को जर्जर मार्गों को ठीक कराने और कूड़ा नहीं जलने देने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विज्ञानी डा. अशोक कुमार ने सलाह दी है कि हवा के विषाक्त हो जाने से सेहत को नुकसान पहुंचता है, इसलिए मास्क लगाने सहित जरूरी सावधानी बरतें। इस बीच, 400+ AQI के साथ मेरठ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश का ही एक अन्य शहर पहले स्थान पर है।
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