17 करोड़ की जीएसटी चोरी: रेडीमेड कपड़ों की आड़ में फर्जीवाड़ा, मास्टरमाइंड अजमत खान गिरफ्तार
मुरादाबाद में एक बड़े जीएसटी चोरी मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें रेडीमेड कपड़ों के कारोबार की आड़ में करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस मामले के मुख्य आरोपी अजमत खान को गिरफ्तार किया है। उस पर करीब 17 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने का आरोप है। यह मामला सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है, जिससे आम जनता को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने की आशंका है।
फर्जी बिलों से करोड़ों की हेराफेरी
पूरा मामला तब सामने आया जब राज्यकर अधिकारी राजुल कुमार ने मुगलपुरा थाने में केके इंटरनेशनल फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप है कि इस फर्म ने रेडीमेड कपड़ों का कारोबार दर्शाते हुए फर्जी बिलों के माध्यम से ट्रेडिंग की और बोगस फर्मों के जरिये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का क्लेम किया। जांच में पता चला कि वर्ष 2018-19 के दौरान फर्म ने बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी बिलों के आधार पर आईटीसी क्लेम कर जीएसटी विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
एसआईटी की कार्रवाई और आरोपी की स्वीकारोक्ति
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार के नेतृत्व में दस सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए मुगलपुरा क्षेत्र के कानून गोयान निवासी अजमत खान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान अजमत खान ने स्वीकार किया कि उसने अपने नाम से एके इंटरनेशनल फर्म बनाई थी और जावेद नामक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद उसने कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में फर्जी बिलों के जरिए आईटीसी क्लेम करने का तरीका अपनाया। फर्म रेडीमेड गारमेंट के नाम पर पंजीकृत थी, लेकिन उसने मसाले, स्पेयर पार्ट्स, अगरबत्ती जैसी अन्य वस्तुओं का कारोबार दिखाकर बिल काटे और जीएसटी विभाग को चूना लगाया।
अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके
इस मामले में पुलिस पहले ही पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें मेरठ, शाहजहांपुर, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड के निवासी शामिल हैं। यह गिरफ्तारी जीएसटी चोरी के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है।
