ग्रेटर नोएडा लोक अदालत बनी ‘संजीवनी’, सालों के कर्ज से मिनटों में मिली मुक्ति; लाखों की छूट पाकर खुश हुए लोग
ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन ने वर्षों से कर्ज के बोझ तले दबे लोगों को बड़ी राहत दी है। सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ, जहां विभागीय अधिकारियों और कर्जदार को आमने-सामने बिठाया गया। न्यायाधीशों के सामने मौके पर ही चंद पल में दोनों पक्षों में आपसी सुलह समझौता कराया गया। संबंधित विभाग द्वारा कर्जदार को राहत देते हुए एक निश्चित राशि कटौती कर जमा कराने का न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। कर्जदार भी खुशी-खुशी तत्काल हाथों हाथ बताई धनराशि जमा कर रसीद लेकर राहत की सांस लेकर घर रवाना हुए।
फरीदाबाद निवासी दिलीप ने वर्ष 2016 में चार पहिया वाहन खरीदा था और चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया था। कोरोनाकाल में आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण वह किस्तें जमा नहीं कर सके, जिससे कर्ज बढ़कर 2.75 लाख रुपये हो गया था। कंपनी लगातार नोटिस भेज रही थी। लोक अदालत में सुलह समझौता के माध्यम से उन्हें 1.30 लाख रुपये ब्याज से मुक्ति मिली। उन्होंने 1.45 लाख रुपये जमा कर कर्ज से मुक्ति पा ली।
इसी तरह सैनी सुनपुरा निवासी मनोज कुमार ने बिजली विभाग के काउंटर पर बकाया के 30 हजार रुपये जमा करके कर्ज से मुक्ति पाई। मनोज ने बताया कि वर्ष 2022 तक नियमित बिल जमा करते रहे, लेकिन मीटर में खराबी के कारण बिल की राशि गड़बड़ आने लगी। शिकायत के बाद भी बिल में सुधार नहीं हुआ। बिजली विभाग की टीम कनेक्शन काटने और आरसी जारी करने की धमकी देती थी। यहां पर विभागीय अधिकारियों ने सुलह समझौता के माध्यम से बकाया बिल में 20 हजार रुपये की छूट दी। बाकी के 30 हजार रुपये का भुगतान करने से उन्हें राहत मिली। आयोजन में ऐसे ही हजारों पीड़ितों को वर्षों से सिर पर लदे कर्ज से मुक्ति मिली है।
