ग्रेप पाबंदियां हटने से Greater Noida development को मिली गति, 100 से अधिक परियोजनाओं पर काम तेज
ग्रेटर नोएडा में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण तीन और चार की पाबंदियां हटने से शहर के विकास कार्यों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। प्रदूषण के स्तर में कमी आने के बाद निर्माण गतिविधियों पर लगी रोक हटा दी गई है, जिससे ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण 100 से अधिक परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में जुट गया है। इन कार्यों में नई सड़कों का निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत, जल निकासी प्रणालियों का विकास और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं, जो शहर के निवासियों के लिए जीवन को सुगम बनाएंगी।
विकास कार्यों में तेजी और जनजीवन पर प्रभाव
प्राधिकरण के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चारमूर्ति चौक पर अंडरपास और हरनंदी नदी पर पुल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं पहले भी जारी थीं, लेकिन अब अन्य सभी रुके हुए कार्यों को भी गति मिल गई है। सूरजपुर-कासना रोड जैसे प्रमुख मार्गों की मरम्मत का काम, जो ग्रेप पाबंदियों के कारण रुका हुआ था, अब फिर से शुरू हो गया है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह सड़क दो हिस्सों में टूटी हुई थी, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही थी। इसके अलावा, कासना कस्बे से सिरसा गोलचक्कर तक और डिपो मेट्रो स्टेशन से सेक्टर म्यू की ओर जाने वाली सड़क के पुनर्निर्माण जैसे कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
प्राधिकरण का संकल्प और आगे की योजना
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का परियोजना विभाग सेक्टरों और गांवों दोनों में करोड़ों रुपये की लागत से आवश्यक विकास कार्य करा रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पाबंदियां हटने के बाद निर्माण कार्य पूरी क्षमता से शुरू कर दिए गए हैं और परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव और अन्य पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम न केवल शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
