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कासगंज में हुआ भव्य Kavi Sammelan, शायरों ने बिखेरी कलाम की खुशबू

By Feb 17, 2026

कासगंज शहर में काव्य प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम का आयोजन किया गया, जहाँ बज़्म ए शरार संस्था ने बिलराम गेट धान मिल रोड पर भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरा कराया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन शायर अब्दुल क़दीर ज़िया ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता जब्बार अहमद ने संभाली। इस Kavi Sammelan में जिलेभर के कई प्रतिभावान शायरों ने अपनी बेहतरीन रचनाएं पेश कीं, जिससे पूरा माहौल साहित्यिक सुगंध से भर उठा।

शायरों ने बांधा समां

मुशायरे के दौरान शायर तौसीफ अहमद ने अपनी रचना ‘उनके अहसान जब याद आने लगे आंख भर आई और मुस्कुराने लगे’ से श्रोताओं का दिल जीता। लारेब खान ने ‘मैं भाई के खुलूस पे क्या तब्सिरा करूं, आंगन में जो खड़ी है वो दीवार देख ले’ सुनाकर भाईचारे का संदेश दिया। नाजिम ने ‘गुलिस्तां के दुश्मन खिजां चाहते हैं’ और हसनैन शाद ने ‘अपने मां बाप से बेटी हुई जिस दम रुखसत, हर इक शख्स की पलकों पे हैं आए आंसू’ जैसी मार्मिक रचनाएं प्रस्तुत कीं।

वफा उझानवी, मुहम्मद उमर काविश, अजय अटल, अंजुम रुमानी, शम्स और अब्दुल कादिर जिया जैसे शायरों ने भी अपनी कविताओं और गजलों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुहम्मद उमर काविश की पंक्ति ‘जीतेगा जंग कौन न मुझसे सवाल कर, तू देख ले हवाओं में सिक्का उछाल कर’ को विशेष सराहना मिली। इस दौरान हरवीर सिंह भारतीय, हैदर अंसारी, शहरफ जमाल, हाफिज कैफ, शोएब अंसारी, इंजीनियर अब्दुल मालिक अंसारी, डा. मोहसिन, मसरूर, डा. पप्पू सहित कई गणमान्य व्यक्ति और काव्य प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने इस साहित्यिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया।

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