हिमाचल के सरकारी स्कूल अब कॉन्वेंट को देंगे टक्कर, मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के 100 सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध किया जाएगा। इन स्कूलों को मूलभूत सुविधाओं के मामले में प्रदेश के नामी निजी स्कूलों के बराबर लाने की तैयारी है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है, जिस पर कैबिनेट की मुहर लगनी बाकी है। प्रस्ताव के अनुसार, इन स्कूलों की वर्दी का रंग निजी स्कूलों की तर्ज पर अलग होगा। लड़कों के लिए पैंट, शर्ट, कोट और टाई, जबकि छात्राओं के लिए स्कर्ट, शर्ट, कोट और टाई की व्यवस्था होगी। हर स्कूल में दो अलग-अलग वर्दियां लागू की जा सकती हैं, जो निजी स्कूलों की वर्दी से प्रेरित होंगी।
इसके अलावा, इन स्कूलों के भवनों के बाहरी रंग-रूप में भी बदलाव किया जाएगा ताकि वे अधिक आकर्षक लगें। मुख्य गेट और कैंपस की दीवारों को भी नया रूप दिया जाएगा। सरकार की ओर से विद्यार्थियों को निशुल्क वर्दी और किताबें पहले की तरह मिलती रहेंगी, क्योंकि यह केवल बोर्ड का बदलाव है, सरकारी योजनाओं में कोई कटौती नहीं होगी।
इन स्कूलों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए मेस की सुविधा भी खोली जाएगी। पहले चरण में चयनित 100 स्कूलों में से लगभग 87 को सीबीएसई संबद्धता मिल चुकी है, जबकि बाकी स्कूलों की प्रक्रिया जारी है। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के एक कार्यक्रम में शिक्षकों पर जोर दिया कि वे सीबीएसई की अलग परीक्षा प्रणाली के लिए बच्चों को अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर तैयार करें। बच्चों के कम्युनिकेशन स्किल्स को सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने बताया कि प्रस्ताव पर सरकार की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।
