10 साल बाद मिला इंसाफ: फतेहपुर में युवक के हत्यारे को आजीवन कारावास
फतेहपुर में दस साल पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। आरोपी रईश अहमद को उम्रकैद और 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को 10 साल बाद न्याय मिला है।
सदर कोतवाली के अरबपुर मोहल्ला निवासी आजम खां उर्फ सबलू की हत्या 16 मई 2015 को कर दी गई थी। वादी मुकदमा दिवंगत के भाई अकबर खां ने बताया कि उनका भाई रात 10 बजे दुकान से घर जा रहा था। तभी खाली प्लाट के पास मोहल्ले के रईश अहमद उर्फ बउवा ने भाई के ऊपर तमंचे से कई फायर कर दिए। जिससे वह खून से लतफत होकर जमीन मे गिर गया।
सूचना मिलने पर अकबर खां घटनास्थल पहुंचे। घायल भाई को लेकर वह जिला अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुरानी रंजिश के चलते रईश अहमद ने इस वारदात को अंजाम दिया था। मुकदमे में अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे और सहायक शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर वर्मा ने तर्क और साक्ष्य पेश किए। पूरी सुनवाई के दौरान नौ गवाहों को पेश किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार चतुर्थ ने वाद की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा और 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
