गोरखपुर रेलवे अस्पताल की नई इमरजेंसी एम्स को देगी टक्कर, आधुनिक सुविधाओं का होगा विस्तार
गोरखपुर के ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल में 14 बेड की एक नई और अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा शुरू होने जा रही है। यह नई सुविधा एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज को कड़ी टक्कर देगी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इस नई इमरजेंसी में 10 बेड का आईसीयू भी शामिल होगा, जो गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।
नई आपातकालीन इकाई 24 घंटे खुली रहेगी और इसमें हमेशा दो चिकित्सक तैनात रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी तुरंत बुलाया जाएगा। मरीजों को उपचार, जांच और ऑपरेशन के लिए अब विभिन्न यूनिटों में भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि सभी सुविधाएं एक ही भवन में उपलब्ध होंगी। केवल अति गंभीर मामलों में ही मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
इस आधुनिक इमरजेंसी भवन में ऑपरेशन थिएटर, एनेस्थीसिया विभाग, सामान्य और सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की व्यवस्था होगी। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट जैसी सभी आवश्यक जांचें भी यहीं हो सकेंगी। प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. मोहम्मद एए खान ने बताया कि इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, रेलवे अस्पताल में 24 घंटे के लिए दो नई एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर 26 जनवरी को इस नई इमरजेंसी का विधिवत शुभारंभ करेंगे। वर्तमान में रेलवे अस्पताल में केवल चार बेड की पुरानी इमरजेंसी है, जहां मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार और जांच के लिए अन्यत्र जाना पड़ता था।
नई सुविधाओं के तहत, रेलवे अस्पताल में अब न्यूरो और यूरोलॉजी का उपचार भी उपलब्ध होगा। ओपीडी में बाहर के विशेषज्ञ चिकित्सक भी परामर्श देंगे। प्रथम चरण में न्यूरो, यूरो, स्किन और पैथोलॉजी के विशेषज्ञों से करार किया गया है, जो प्रतिदिन दो से चार घंटे ओपीडी में बैठेंगे। यह व्यवस्था फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है।
