झारखंड के गुमला में टीकाकरण के बाद बच्ची की मौत, परिजनों ने ANM पर लगाया लापरवाही का आरोप | Gumla news
झारखंड के गुमला जिले में टीकाकरण के बाद एक माह की बच्ची की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डुमरी प्रखंड के भागीटोली स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में यह घटना हुई, जहां टीकाकरण के लगभग डेढ़ घंटे बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची के परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया है।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को मुकुंद नायक की एक माह की पुत्री शिवानी कुमारी को टीका लगाया गया था। टीका लगने के कुछ ही देर बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, शरीर में अकड़न आ गई और वह लगातार रोने लगी। देखते ही देखते टीकाकरण के डेढ़ घंटे के भीतर बच्ची की मौत हो गई।
आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया कि जब बच्ची की स्थिति बिगड़ रही थी, तब एएनएम सुषमा टोप्पो ने न तो उसे कोई प्राथमिक उपचार दिया और न ही समय रहते किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता, तो बच्ची की जान बच सकती थी।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने बताया कि घटना की सूचना मिली है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम टीका जन्म के 45 दिन बाद दिया जाता है, जबकि मृत बच्ची की उम्र लगभग 36 दिन बताई जा रही है।
एएनएम सुषमा टोप्पो ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद बच्ची को 15 मिनट तक निगरानी में रखा गया था। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि ग्राम डहकुल में एक ही इंजेक्शन से दो बच्चों को टीका दिया गया था। घटना के बाद से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में डर और आक्रोश का माहौल है।
