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गाजियाबाद का डॉ. रोहित निकला किडनी रैकेट का सरगना, 100 करोड़ के साम्राज्य का दावा

By Apr 4, 2026

कानपुर किडनी कांड में गाजियाबाद के इंद्रापुरम निवासी डॉ. रोहित का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डॉ. रोहित पर मरीजों को बेहोश करने और उसके साथी अली द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट करने का आरोप है। यह गिरोह पिछले चार दिनों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पुलिस को मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई और पता चला कि वह लखनऊ नहीं, बल्कि गाजियाबाद में रहता है। पुलिस का दावा है कि इस रैकेट से डॉ. रोहित ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई है।

पुलिस ने डॉ. रोहित के घर पर छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिला। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है, जिससे उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस को रोहित की टीम के सदस्यों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली है, जिसके आधार पर यह दावा किया गया है। रोहित ने लखनऊ की एक ट्रैवल एजेंसी से अपने साथियों मुदस्सर अली सिद्दीकी, राजेश कुमार और कुलदीप सिंह राघव के लिए फ्लाइट टिकट बुक कराए थे। इसी बुकिंग से मिले आधार कार्ड के पते पर पुलिस उसके इंद्रापुरम स्थित घर पहुंची।

जांच में यह भी सामने आया है कि साहिल नाम का एक और व्यक्ति डॉ. रोहित के लिए किडनी रैकेट चला रहा है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, साहिल ने एक महिला को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डॉ. रोहित द्वारा 40 लाख रुपये की मांग की थी और 20 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। पुलिस साहिल की भी तलाश कर रही है।

इस किडनी कांड में गिरफ्तार किए गए गाजियाबाद के ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी असिस्टेंट कुलदीप सिंह राघव को जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि अली किडनी निकालने और लगाने का काम करता था। 28 मार्च को एक अस्पताल में ऑपरेशन के बाद अली, राजेश और कुलदीप गाजियाबाद गए थे। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है। इस गिरोह का पर्दाफाश होने से अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के गंभीर खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

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