घने कोहरे का रेल यातायात पर कहर, ट्रेनें 11 घंटे तक लेट
देश के उत्तरी मैदानी इलाकों में सर्दी की दस्तक के साथ ही घने कोहरे ने रेल यातायात को अपनी चपेट में ले लिया है। दानापुर मंडल से गुजरने वाली दर्जनों ट्रेनें औसतन 2 से 7 घंटे तक की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस देरी के कारण दानापुर मंडल की ट्रेन समयबद्धता में 5 से 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो पहले 85 प्रतिशत से ऊपर थी और अब घटकर करीब 80 प्रतिशत के आसपास आ गई है।
सूत्रों के अनुसार, कोहरे की मार सबसे ज्यादा वाराणसी मंडल पर पड़ी है, जहां केवल 65 प्रतिशत ट्रेनें ही समय पर चल पा रही हैं। लखनऊ मंडल की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नहीं है, जहां 75-80 प्रतिशत ट्रेनें ही अपने निर्धारित समय पर पहुंच रही हैं। हालांकि, इन दोनों मंडलों की तुलना में दानापुर मंडल की स्थिति अभी भी थोड़ी बेहतर मानी जा रही है।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, रेलवे ने कोहरे के इस मौसम में सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सभी इंजनों में फॉग सेफ डिवाइस (FOG SAFE DEVICE) लगाए गए हैं, जो चालकों को कम दृश्यता में भी सिग्नल और पटरियों को पहचानने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, ट्रेनों की गति को भी नियंत्रित किया जा रहा है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। इसके अलावा, सभी सिग्नल पोस्ट पर चमकदार रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप लगाई गई हैं, सिग्नल साइटिंग बोर्ड पर लाइन मार्किंग की गई है और लेवल क्रॉसिंग बैरियर पर भी चमकदार पट्टियां लगाई गई हैं, ताकि कोहरे में भी ये आसानी से दिख सकें। दानापुर मंडल में एक हजार से अधिक फॉग सेफ डिवाइस तैनात किए गए हैं।
कोहरे के गंभीर प्रभाव को देखते हुए, रेलवे ने एक दिसंबर से दानापुर मंडल से होकर गुजरने वाली करीब दो दर्जन ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय भी लिया है। इससे यात्रियों को और भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन लोगों को जिनकी यात्राएं इन रद्द की गई ट्रेनों पर निर्भर थीं। यह स्थिति तब तक बने रहने की संभावना है जब तक कोहरे का प्रकोप कम नहीं हो जाता।
