गुरुग्राम पुलिस का ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’: 22 दिनों में 865 अपराधी गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के माध्यम से अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पिछले 22 दिनों में, यानी पांच से 27 नवंबर के बीच, पुलिस की विभिन्न टीमों ने कुल 865 आरोपितों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इनमें 305 ऐसे कुख्यात और हिंसक अपराधी शामिल हैं, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे।nnइस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सक्रिय कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों, बदमाशों, हथियार तस्करों और नशा तस्करों के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई करना था, ताकि जिले में अपराध दर को कम किया जा सके। पुलिस के अनुसार, इस अभियान के दौरान संगठित अपराध को अंजाम देने वाले 74 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न अपराधों में शामिल 81 आरोपितों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, जबकि 130 की हिस्ट्रीशीट को अपडेट किया गया है। इन हिस्ट्रीशीटों के बाद इन पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।nnसुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, 58 आरोपितों की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन दायर किए गए हैं। साथ ही, भारतीय दंड संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं के तहत 139 आरोपितों पर निवारक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने अवैध गतिविधियों से अर्जित 24 आरोपितों की आपराधिक संपत्ति को भी चिह्नित कर जब्त कराया है, जिसमें गाड़ियां और अन्य मूल्यवान संपत्तियां शामिल हैं।nnअवैध हथियारों के खिलाफ भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। इस अभियान के तहत 87 ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो अवैध हथियार रखने, बेचने, तस्करी करने या सप्लाई करने में लिप्त थे। इनके पास से 52 देसी पिस्टल, दो रिवाल्वर, एक गन, एक मैगजीन, 64 कारतूस और चार चाकू जैसे हथियार बरामद किए गए हैं।nnअन्य गंभीर अपराधों के मोर्चे पर भी पुलिस को कामयाबी मिली है। हत्या के मामलों में नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, डकैती, लूटपाट, छीनाझपटी, अवैध वसूली, मारपीट, अपहरण और चोरी जैसे मामलों में 69 आरोपितों को पकड़ा गया है।nnपुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ की एक सशक्त और परिणाम-आधारित कार्यवाही बताया है। उन्होंने कहा कि जिले में संगठित अपराध, अवैध हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की बिक्री और गैंग गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए इस अभियान को पूरी तेजी और सतर्कता के साथ संचालित किया गया। इस अभियान से अपराधियों में भय का माहौल है और पुलिस की कार्यशैली पर आम जनता का विश्वास बढ़ा है।”
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