ग्रेटर नोएडा: प्रसाद में ज़हर? फोरेंसिक जांच से खुलेगा फूड पॉइजनिंग का राज़
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित चक शाहबेरी गांव में शीतला देवी मंदिर से प्रसाद खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है। बुधवार सुबह करीब सात बजे मंदिर से प्रसाद ग्रहण करने के बाद सात लोग बीमार पड़ गए। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रसाद की फोरेंसिक जांच कराने का फैसला किया है।
प्रारंभिक जांच में प्रसाद में कास्टिक सोडा की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस का मानना है कि मूर्तियों की सफाई के लिए रखा गया कास्टिक सोडा गलती से प्रसाद समझकर लोगों में बांट दिया गया हो। हालांकि, पुजारी का कहना है कि यह कोई अनजाने में हुई गलती नहीं, बल्कि किसी साजिश के तहत प्रसाद में कुछ मिलाकर गेट पर लटकाया गया था। उन्होंने इस घटना को जानबूझकर अंजाम देने का आरोप लगाया है।
जिला फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रसाद के सैंपल लिए थे, लेकिन वे निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस वजह से पुलिस ने मामले को और गहराई से समझने के लिए फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है। फोरेंसिक लैब में जांच से प्रसाद में मिलावट और उसकी गुणवत्ता का स्पष्ट पता चल सकेगा।
चक शाहबेरी गांव करीब 100 साल पुराने शीतला देवी मंदिर के लिए जाना जाता है, जहां लोग बड़ी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं। गांव वालों के लिए यह पहली बार है कि मंदिर से जुड़ी ऐसी घटना हुई है, जिससे उनमें भय का माहौल है। गांव के एक निवासी जयप्रकाश ने बताया कि इस घटना के बाद से उन्हें किसी से कुछ भी खाने-पीने में डर लगने लगा है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले गांव में सभी लोग बिना किसी भेदभाव के मिलजुल कर रहते थे।
पुलिस के लिए इस मामले की जांच थोड़ी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है, क्योंकि मंदिर परिसर या आसपास के इलाकों में कोई CCTV कैमरा नहीं लगा है। इस वजह से प्रसाद को वहां किसने और कब रखा, इसका पता लगाना मुश्किल हो रहा है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है, लेकिन अंतिम सच्चाई फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं।
