ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उत्पीड़न का आरोप, तकनीकी सुपरवाइजर ने दिया इस्तीफा
ग्रेटर नोएडा,
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग में कार्यरत एक तकनीकी सुपरवाइजर ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को संबोधित एक पत्र में, एक स्थानीय विधायक के प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुपरवाइजर का दावा है कि उनसे गलत काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और मना करने पर उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी दी गई।
सूत्रों के अनुसार, संविदा पर कार्यरत इस तकनीकी सुपरवाइजर ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि उन्होंने हमेशा प्राधिकरण के हित में ईमानदारी से काम किया है। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ राजनीतिक और असामाजिक तत्वों द्वारा उन पर अनुचित कार्यों को अंजाम देने के लिए दबाव डाला जा रहा था। जब उन्होंने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो उन्हें न केवल धमकाया गया, बल्कि अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया गया।
सुपरवाइजर का कहना है कि पिछले पांच दिनों से उन्हें लगातार मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इस असहनीय दबाव और उत्पीड़न के कारण उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। यह घटना प्राधिकरण के भीतर कार्यस्थल पर उत्पीड़न और राजनीतिक दबाव के मामलों को फिर से उजागर करती है।
इस मामले में अभी तक विधायक या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की जांच की बात कह रहे हैं। यह घटना प्राधिकरण के कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर सकती है, खासकर उन पर जो राजनीतिक दबावों का सामना करते हैं। प्राधिकरण के लिए यह एक संवेदनशील मुद्दा है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
