ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड बैठक: बिल्डरों पर सख्ती, फ्लैट योजनाओं की शुरुआत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में आज एक महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन दीपक कुमार करेंगे। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिया जाएगा, जिनमें बिल्डरों पर सख्ती और प्राधिकरण द्वारा निर्मित फ्लैटों की नई योजनाएं शुरू करना शामिल है। बैठक में कुल 20 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा, जो प्राधिकरण के कामकाज और विकास की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का एक मुख्य एजेंडा उन बिल्डरों पर कार्रवाई करना है जिन्होंने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का लाभ तो उठाया, लेकिन प्राधिकरण का बकाया जमा नहीं किया है। ऐसे डिफ़ॉल्ट बिल्डरों से लाभ वापस लेने या अन्य कड़ी कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इसके अलावा, जिन बिल्डरों ने 25 प्रतिशत से अधिक बकाया जमा कर दिया है, उनके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, जिससे बकाया भुगतान की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
प्राधिकरण की अपनी फ्लैट योजनाओं को पुनर्जीवित करने की भी योजना है। सेक्टर ओमीक्रोन-1 और 1ए में बने फ्लैटों की बिक्री ई-नीलामी के माध्यम से शुरू करने का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, खरीदारों को ऑनलाइन माध्यम से बोली लगाने का अवसर मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। इस प्रस्ताव पर बोर्ड की मुहर लगने के बाद, फ्लैटों की बिक्री प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इसके अतिरिक्त, बैठक में जमीन खरीद और किसानों को राहत देने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। ये प्रस्ताव क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े हैं, और इनके पारित होने से स्थानीय समुदाय को लाभ मिलने की उम्मीद है। नीतिगत और संवेदनशील प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को सौंपी जा सकती है।
