ग्रेटर नोएडा में एसआईआर फॉर्म की हार्ड कॉपी न मिलने से जनता परेशान
ग्रेटर नोएडा में एसआईआर (SIR) फॉर्म भरने की प्रक्रिया नागरिकों के लिए एक नई चुनौती पेश कर रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने फॉर्म की हार्ड कॉपी प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या तब और बढ़ जाती है जब वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद लोगों को उनके संबंधित एसआईआर फॉर्म नहीं मिल पाते।
इस अनूठी समस्या के कारण, कई नागरिक अपने फॉर्म की तलाश में बार-बार बीएलओ (BLO) और बीएलए (BLA) के दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जिससे उनका बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है। हालांकि, इस असुविधा के बीच, लोग बीएलओ और बीएलए की सहायता से ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अपने एसआईआर फॉर्म को सत्यापित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह डिजिटल समाधान कुछ हद तक समस्या को हल कर रहा है, लेकिन हार्ड कॉपी न मिलने की मूल समस्या बनी हुई है।
समस्या सिर्फ उन लोगों तक सीमित नहीं है जिनका नाम वोटर लिस्ट में है। किराए पर रहने वाले व्यक्ति, जो पहले किसी अन्य पते पर रहते थे और अब नए स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें भी अपने फॉर्म ढूंढने में कठिनाई हो रही है। फॉर्म पर दी गई कुछ जानकारी के अस्पष्ट होने की भी शिकायतें हैं, जिन्हें बीएलए की मदद से ठीक किया जा रहा है।
एक बीएलए (BLA-2) के हवाले से बताया गया कि, ‘एसआईआर फॉर्म की हार्ड कॉपी न मिलने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। इन सभी लोगों को ऑनलाइन ऐप से उन्हें वेरिफाई करना होगा।’ उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म पर दी गई कुछ जानकारी अस्पष्ट थी, लेकिन बीएलए की मदद से इसे पूरा कर लिया गया है।
एक अन्य नागरिक, कृष्णा, ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, ‘पहले मुझे फॉर्म ढूंढने में दिक्कत हुई, और फिर इसे भरने में भी दिक्कत हुई। इसे ढूंढने में ही दो दिन लग गए। अब, मैंने इसे जमा कर दिया है।’ यह अनुभव कई अन्य नागरिकों की स्थिति को दर्शाता है, जो इस प्रक्रिया से जूझ रहे हैं। यह स्थिति नागरिकों के बीच एसआईआर फॉर्म को लेकर चिंता और भ्रम पैदा कर रही है।
