ग्रेटर नोएडा में छोटे औद्योगिक भूखंडों की बंपर स्कीम, यमुना अथॉरिटी दिसंबर में करेगी ई-ऑक्शन
ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए यमुना अथॉरिटी (YEIDA) दिसंबर माह में एक बड़ी योजना की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना के तहत 8,000 वर्ग मीटर तक के छोटे औद्योगिक भूखंडों को निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इन भूखंडों का आवंटन पूरी तरह से ई-ऑक्शन (इलेक्ट्रॉनिक नीलामी) प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी।
अथॉरिटी वर्तमान में अपने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसे खाली पड़े भूखंडों की पहचान कर रही है, जिन्हें विभिन्न कारणों से पिछली योजनाओं में शामिल नहीं किया जा सका था। सूत्रों के अनुसार, जमीन संबंधी कानूनी अड़चनों के कारण कई भूखंडों के विकास में देरी हुई थी, लेकिन अब अथॉरिटी ने अधिकांश विवादों को सुलझा लिया है और इन भूखंडों को विकसित कर योजना में शामिल करने की तैयारी में है।
पिछली औद्योगिक भूखंड योजना में, अथॉरिटी ने 8,000 वर्ग मीटर तक के 37 भूखंडों को आवंटित किया था, जिसके लिए 527 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रूटनी के बाद 448 भूखंडों को नीलामी के लिए योग्य पाया गया था। निवेशकों की ओर से इस योजना को मिली शानदार प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर, अथॉरिटी अब छोटे औद्योगिक भूखंडों की मांग को पूरा करने के लिए यह नई योजना ला रही है।
यमुना अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राकेश कुमार सिंह ने बताया कि छोटे औद्योगिक प्लॉट्स की बाजार में काफी मांग है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही अन्य खाली पड़े भूखंडों की पहचान कर उन्हें इस नई योजना में शामिल करेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे प्लॉट्स की मांग और बढ़ेगी। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। यह कदम क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक होगा।
