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गर्भवती की हत्या में महिला को फांसी, ढाई लाख का जुर्माना

By Nov 30, 2025

केरल के अलाप्पुझा में एक सनसनीखेज मामले में, एक अदालत ने गर्भवती महिला की निर्मम हत्या की दोषी रेजानी को मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश सुहैब एम. ने शनिवार को सुनाया। काइनाकरी निवासी रेजानी पर न केवल फांसी की सजा का फंदा कसा है, बल्कि उस पर ढाई लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। रेजानी को अलाप्पुझा की अनिता ससीधरन की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है, जिसने अपनी जान गंवाने के समय गर्भ में एक पल को संभाला हुआ था।

यह क्रूर वारदात नौ जुलाई 2021 को काइनाकरी इलाके में हुई थी, जब अनिता ससीधरन की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वह गर्भवती थी, जिसने इस अपराध को और भी अधिक भयावह बना दिया। सूत्रों के अनुसार, रेजानी को पहले 24 नवंबर को मौत की सजा सुनाई जानी थी, लेकिन वह मादक पदार्थों से जुड़े एक अन्य मामले में ओडिशा की जेल में बंद होने के कारण उस समय अदालत में पेश नहीं हो सकी थी।

शनिवार को रेजानी को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। विस्तृत सुनवाई और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद, अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत फांसी की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना ठोंका। इसके अतिरिक्त, उसे धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत आजीवन कारावास की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना भी दिया गया। इतना ही नहीं, साक्ष्यों को नष्ट करने के जुर्म में धारा 201 के तहत उसे पांच साल की कठोर कारावास की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी भुगतना होगा।

हालांकि, फांसी की सजा के आदेश को प्रभावी होने से पहले केरल हाई कोर्ट से पुष्टि की जानी आवश्यक है। अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि लगाया गया जुर्माना वसूला जाता है, तो उसकी पूरी राशि मृतक अनिता ससीधरन के पिता और उसके बच्चों को मुआवजा के तौर पर दी जाएगी, ताकि वे इस दुखद घटना के बाद कुछ हद तक अपने जीवन को संवार सकें। यह फैसला समाज में न्याय की एक मिसाल कायम करता है और ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देता है।

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