ग्राम पंचायतों को विकास के लिए आय से पांच गुना अधिक राशि, खाली जमीन का होगा सदुपयोग
श्रावस्ती जिले की ग्राम पंचायतों के लिए विकास की राहें अब और भी सुगम होंगी। सोमवार को भिनगा स्थित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में ग्राम प्रधानों व सचिवों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के विभिन्न स्रोतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वरिष्ठ फैकल्टी बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि 1500 से कम आबादी वाली ग्राम पंचायतें, अपनी अर्जित आय का पांच गुना तक राशि सरकार से प्राप्त कर सकेंगी। यह राशि गांवों में आवश्यक विकास परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों को आय अर्जित करने के कई व्यावहारिक तरीके भी बताए।
ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी जमीनों पर नर्सरी लगाने, तालाबों का पट्टा कर आय प्राप्त करने, गोशालाओं से प्राप्त गोबर से जैविक खाद बनाकर बेचने, ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराने और पंचायत भवनों के पास दुकानें बनाकर आय के स्रोत बढ़ाए जा सकते हैं। इन उपायों से ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे वे अपने क्षेत्र के विकास के लिए अधिक संसाधन जुटा सकेंगी।
मास्टर ट्रेनर अनिल कुमार तिवारी ने करों और गैर-करों के संग्रह से पहले लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गांव के निवासियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही पंचायत को कर और गैर-कर लागू करने चाहिए, ताकि किसी पर अनावश्यक बोझ न पड़े।
मास्टर ट्रेनर इंदु ने सेवा शुल्क के एवज में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत भवनों पर संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से भी ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सचिव विकास कुमार मौर्य, राकेश कुमार वर्मा, मोनू रस्तोगी, शबनम यादव, मोईन सिद्दीकी, राम दर्शन, कृष्ण कुमार भारतीय सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
