गोंडा में संदिग्ध युवतियां: ग्रामीणों ने रोका, पुलिस के हवाले, फिर रहस्यमयी रिहाई
गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के महंगूपुर गांव में शुक्रवार की सुबह रहस्यमयी घटनाक्रम देखने को मिला। करीब साढ़े नौ बजे, जब गांव निवासी दिव्यांशु पांडेय घर के बाहर खड़े थे, तभी नवाबगंज की ओर से स्कूटी पर सवार तीन युवतियां आईं। उन्होंने गांव की ही एक युवती को रोककर अकेले में बात करने लगीं।
युवती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वे रेलवे में नौकरी दिलाने की बात कर रही थीं। दिव्यांशु पांडेय के अनुसार, तीनों युवतियों ने अपने गले में आईडी कार्ड पहन रखे थे, जिन पर नेहा, आरती और रेशमा जैसे नाम लिखे थे। आगे बढ़ने पर यही युवतियां रघुनाथपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास एक अन्य युवती से भी बातचीत करती देखी गईं। जब स्थानीय लोगों ने उनसे उनका परिचय जानने की कोशिश की, तो वे बिना कोई जवाब दिए तेजी से भागने लगीं।
ग्रामीणों ने जब उनका पीछा किया, तो स्कूटी सवार युवतियों ने रास्ते में ही अपना वाहन रोक दिया। उन्होंने ग्रामीणों को धमकी दी कि यदि उन्हें रोका गया तो वे छेड़खानी का आरोप लगा देंगी। इस बीच, घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। स्थानीय निवासी अमर यादव ने बताया कि यह तीनों युवतियां पहले भी इसी तरह अकेली युवतियों से बातचीत करती देखी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये मार्केटिंग का काम करती हैं, तो पुरुषों या परिजनों से बातचीत क्यों नहीं करतीं?
ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों युवतियों को थाने ले आई। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि थाने में पूछताछ के दौरान युवतियों ने खुद को एक मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा बताया और कहा कि वे केवल प्रोडक्ट का प्रचार कर रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि तीनों बस्ती जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों की निवासी हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। हालांकि, ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं और युवतियों के व्यवहार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
