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गोहाना में पराली जलाने से हवा जहरीली, प्रशासन की कार्रवाई शुरू

By Nov 17, 2025

गोहाना में दिवाली के बाद से ही वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। धान की कटाई का मौसम शुरू होते ही पराली जलाने की घटनाओं में अचानक वृद्धि हुई है, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रविवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 272 तक पहुंच गया, जो एक खतरनाक स्तर है।

इस बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए नगर परिषद ने तत्काल कदम उठाए हैं। शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। प्रदूषण कम होने तक धूल को नियंत्रित करने के लिए सुबह और शाम को तीन ट्रैक्टरों और पानी के टैंकरों की मदद से नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा। नगर परिषद की अध्यक्ष रजनी विरमानी ने बताया कि धान के मौसम के कारण वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे धूल उड़ती है। इसे रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है।

दिवाली पर हुई आतिशबाजी से शुरू हुई प्रदूषण की समस्या पराली जलाने से और बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह में पराली जलाने की घटनाओं में काफी वृद्धि देखी गई है। प्रशासन और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीमें गांवों का दौरा कर रही हैं और निरीक्षण कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, देर शाम या रात के समय किसान फसल अवशेष जला रहे हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीमों ने क्षेत्र के आठ किसानों के खिलाफ पराली जलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, करीब 25 किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया है। इसके बावजूद, पराली जलाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है।

सुबह और शाम के समय वायु प्रदूषण सूचकांक में बढ़ोतरी देखी जा रही है, हालांकि दिन के समय इसमें कुछ कमी आती है। क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। गोहाना की नई अनाज मंडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक धान से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली आ रहे हैं, जिससे सड़कों पर धूल उड़ने की समस्या बढ़ गई है।

सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजय छिक्कारा ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि उच्च प्रदूषण स्तर के कारण सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने और जहां तक संभव हो, घर के अंदर रहने की सलाह दी है।

प्रशासन ने अधिकारियों को कचरा जलाते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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