सोरों के लहरा गंगा घाट पर महाशिवरात्रि के बाद ‘Ganga Ghat cleaning’ अभियान, नगर पालिका ने संभाला मोर्चा
उत्तर प्रदेश की तीर्थ नगरी सोरों में महाशिवरात्रि पर्व के समापन के बाद लहरा गंगा घाट पर श्रद्धालुओं द्वारा छोड़ी गई गंदगी और कचरे का अंबार लग गया था। इस स्थिति को देखते हुए सोरों नगर पालिका ने घाट की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक व्यापक सफाई अभियान शुरू किया है। यह अभियान विशेष रूप से पॉलीथिन, पुरानी कांवड़ और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाने पर केंद्रित है, जो पर्यावरण और गंगा नदी के लिए खतरा बन रहे थे।
महाशिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और कांवड़ भरने के लिए लहरा घाट पहुंचे थे। मेले के समापन और कांवड़ की दुकानें हटने के बाद घाट पर चारों ओर पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें, कपड़े और पूजन सामग्री बिखरी पड़ी थी। इस कचरे के कारण घाट का सौंदर्य प्रभावित हो रहा था और स्थानीय लोगों व पर्यावरण प्रेमियों में चिंता थी।
सोमवार सुबह से ही नगर पालिका के सफाईकर्मी घाट पर पहुंच गए और युद्धस्तर पर सफाई कार्य शुरू कर दिया। वे झाड़ू लगाकर कूड़े को एकत्र कर रहे हैं और उसे ट्रैक्टरों में भरकर सोरों स्थित डंपिंग मैदान में भेज रहे हैं। नगर पालिका के चेयरमैन रामेश्वर दयाल महेरे ने बताया कि यह ‘Ganga Ghat cleaning’ अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि घाट को पूरी तरह स्वच्छ किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि तीर्थ नगरी सोरों के अन्य हिस्सों में भी कांवड़ मेले के बाद सफाई कार्य कराया जा रहा है।
इस अभियान से न केवल घाट की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि यह आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक स्वच्छ और पवित्र वातावरण भी प्रदान करेगा। नगर पालिका का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
