सोरों के गंगा वन को मिलेगा नया जीवन, डीएम ने दिए हैबिटेट डेवलपमेंट के निर्देश
प्रसिद्ध गंगावन आने वाले दिनों में हैबिटेट डेवलपमेंट विकसित करने व जैव विविधता को बढ़ावा देने पर काम होगा। वन में वाटर बॉडी के निर्माण कार्य को पूर्ण किए जाने समेत कई कार्यों को लेकर प्रशासनिक कसरत शुरू हो गई है। डीएम ने गंगावन का जायजा लिया और इसे ईको टूरिज्म का मॉडल बनाकर तैयार करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में डीएम प्रणय सिंह ने महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने सोरों के समीप स्थित गंगा वन का दौरा किया और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति के बारे में गहनता से समीक्षा की।
डीएम ने क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित कराने, पौधों के संरक्षण के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन्य जीव-जंतुओं के लिए आवास स्थल हैबिटेट डेवलपमेंट विकसित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वन क्षेत्र में जल संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए वाटर बॉडी (तालाब-जलाशय) के निर्माण कार्य को पूर्ण कराने तथा वन क्षेत्र के भीतर आवागमन को सुगम बनाने के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।
उनके साथ एसडीएम संजीव कुमार और क्षेत्रीय वन अधिकारी विवेक कुमार भी मौजूद थे। गंगा वन और गांव चंदनपुर घटियारी के बीच करीब 700 मीटर का रास्ता बेहद कच्चा है। डीएम ने अधिकारियों को इस रास्ते को बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं, जिससे पर्यटकों को पहुंचने में काफी राहत मिलेगी। इससे पर्यटकों का आवागमन और भी बढ़ेगा और उनका ध्यान जैव विविधता की ओर आकर्षित होगा।
