गन्ना पर्ची के लिए मोबाइल सक्रिय रखें, नहीं तो रद हो जाएगी
दी यूपी चीनी मिल सेवरही ने आगामी पेराई सत्र 2025-26 के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मिल द्वारा गन्ना पर्चियां अब केवल एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएंगी। इस नई व्यवस्था के तहत, किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय रहें और उनका इनबॉक्स खाली हो। मिल प्रबंधन ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि मोबाइल नंबर निष्क्रिय पाया जाता है, तो गन्ना पर्ची स्वतः ही रद्द कर दी जाएगी।
सेवरही केन यूनियन के सचिव हरिश्चंद्र चौरसिया ने बताया कि अब तक मिल क्षेत्र के लगभग 7100 किसानों को एसएमएस के जरिए गन्ना पर्चियां भेजी जा चुकी हैं। हालांकि, यह देखा गया है कि बड़ी संख्या में भेजे गए संदेश विफल हो रहे हैं। इसके कई कारण बताए गए हैं, जिनमें मोबाइल का स्विच ऑफ होना, नेटवर्क की अनुपलब्धता, एसएमएस इनबॉक्स का भरा होना, नंबर पर डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) सेवा का सक्रिय होना या फिर मोबाइल नंबर का गलत दर्ज होना शामिल है।
मिल से जुड़े लगभग 6000 किसान अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से जुड़े हुए हैं। सचिव ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान का पंजीकृत मोबाइल नंबर बंद पाया जाता है, तो दो घंटे के भीतर उसकी गन्ना पर्ची स्वतः ही निरस्त हो जाएगी। इसलिए, किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपने मोबाइल फोन में पर्याप्त बैलेंस रखें और फोन को हमेशा चार्ज रखें ताकि वे समय पर पर्ची प्राप्त कर सकें।
जिन किसानों के मोबाइल नंबर बदल गए हैं या गलत दर्ज हो गए हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे तत्काल अपनी गन्ना समिति के माध्यम से इसे अपडेट कराएं। इसके अलावा, किसानों के लिए एक और सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। वे ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ (एसकेजी) पोर्टल के माध्यम से भी अपनी गन्ना पर्ची की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की कठिनाई या समस्या की स्थिति में, किसान सीधे गन्ना विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
