गऊघाट पर कारसेवकों को भावपूर्ण नमन, राष्ट्रीय अस्तित्व के प्रहरी हुए याद
शनिवार को गऊघाट स्थित कंस किला यमुना किनारे पर यमुना आरती सेवा मंडल द्वारा आयोजित संध्या आरती एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मां यमुना की भव्य आरती के उपरांत, अखिल भारत हिंदू महासभा और श्री वामन भगवान महोत्सव समिति के प्रमुख पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उन वीर कारसेवकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र और धर्म के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
इस अवसर पर अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शहीद कारसेवक केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज नाम नहीं, बल्कि वे हमारे राष्ट्रीय अस्तित्व के वे प्रहरी थे जिन्होंने रामकाज को सर्वोपरि मानते हुए अपने प्राणों की आहुति दी और इस प्रकार अमरत्व को प्राप्त किया। उन्होंने आगे कहा कि उनका यह सर्वोच्च बलिदान हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि है। समाज तभी वास्तविक प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है, जब वह अपने नायकों और उनके बलिदानों को स्मरण रखे तथा उनके दिखाए हुए मार्ग पर चले।
इस श्रद्धांजलि सभा में गोपाल चतुर्वेदी, नरेश शर्मा, बब्बू, श्याम शर्मा, महेश वर्मा, आशीष शर्मा, गोपाल वर्मा, अभिषेक शर्मा, बोनामेहर, अर्जुन पंडित, मुकेश ठाकुर, सागर यादव, लब्बू पंडित सहित अनेक प्रमुख कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर शहीद कारसेवकों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।
