गडकरी ने बरसाना में वेस्टेज पानी के सदुपयोग और सीएनजी अपनाने पर दिया जोर
बरसाना में आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया। श्रीमाता जी गोशाला में पद्मश्री संत रमेश बाबा महाराज के साथ हुई आध्यात्मिक चर्चा के पश्चात, गडकरी ने वेस्टेज पानी के सदुपयोग और वाहनों में पेट्रोल-डीजल की निर्भरता को कम कर सीएनजी को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मंगलवार को हेलीकॉप्टर से गोशाला पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गायों का पूजन किया और संत रमेश बाबा के दर्शन लाभ प्राप्त किए। इस अवसर पर मान मंदिर के अध्यक्ष राधकांत शास्त्री ने उन्हें चुनरी ओढ़ाई और संत बाबा द्वारा रचित एक पुस्तक भेंट की।
इस दौरान, गडकरी ने गोशाला परिसर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की भूमि अत्यंत उपजाऊ है और यहां से देश-विदेश को प्रेरणा मिलनी चाहिए। गोशाला में स्थापित गोबर गैस प्लांट और गायों के प्रबंधन को देखकर उन्होंने विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि गोशाला में वेस्टेज पानी का प्रभावी ढंग से सदुपयोग किया जा सकता है। साथ ही, स्थानीय वाहनों में पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों के बजाय सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि पानी के बेहतर प्रबंधन से करोड़ों की कमाई भी संभव है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इन दोनों पहलों के माध्यम से देश के साथ-साथ प्रत्येक आम नागरिक को आर्थिक रूप से लाभान्वित किया जा सकता है। वेस्टेज पानी का पुनर्चक्रण और सीएनजी का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ लागत प्रभावी भी साबित होगा, जिससे एक स्वच्छ और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।
