गाजियाबाद में शेयर ट्रेडिंग और घर बैठे कमाई के नाम पर 54 लाख की ठगी
गाजियाबाद में साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग मामलों में करीब 54 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे और घर बैठे कमाई का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
साहिबाबाद क्षेत्र के रहने वाले मनीष दूबे, जो वर्तमान में सऊदी अरब में एक कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, इस ठगी का शिकार हुए। उन्हें नवीश सान्या नामक एक महिला ने ‘लर्निंग हाईवे’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। महिला ने एक संयुक्त निवेश कार्यक्रम का हवाला देते हुए बल्क इन्वेस्टमेंट के जरिए शेयर मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने का वादा किया। फाउंडेशनल स्टॉक, ओटीसी ट्रेड और आईपीओ में सप्ताह में 300 प्रतिशत तक मुनाफे का दावा किया गया। छह अक्टूबर को मनीष ने एक फर्जी ऐप के माध्यम से निवेश शुरू किया। शुरुआत में एक लाख रुपये से शुरू करके, मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने कुल 30 लाख 50 हजार रुपये विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह राशि उन्होंने दोस्तों और भाइयों से उधार ली थी। जब उन्होंने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने और अधिक धनराशि की मांग की। अंततः परेशान होकर मनीष ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
इसी तरह, इंदिरापुरम निवासी जतिन डैंग को घर बैठे कमाई का झांसा देकर ठगा गया। एक युवती ने टेलीग्राम ऐप पर जतिन से संपर्क किया और पार्ट-टाइम काम देकर भुगतान करने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में, जतिन को एक हजार एक रुपये का भुगतान करके उनका विश्वास जीता गया। विश्वास बढ़ने पर, जतिन ने ठगों के बताए कई खातों में कुल 23.97 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने अतिरिक्त धनराशि की मांग की। पीड़ित जतिन ने भी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।
यह घटनाएं साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को दर्शाती हैं, जहां अपराधी विभिन्न आकर्षक योजनाओं का सहारा लेकर आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस जनता से अपील करती है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या योजना पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखें।
