गाजियाबाद में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई ‘वर्टिकल प्रणाली’ शुरू, 7 लाख को मिलेगी बेहतर सेवा
गाजियाबाद। गाजियाबाद के जोन 1 (शहर) और जोन 3 (ट्रांस हिंडन) में आज, शनिवार से विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक नई और प्रभावी ‘वर्टिकल प्रणाली’ लागू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल से लगभग 7 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और उन्हें बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। विद्युत निगम के अधिकारियों का दावा है कि यह प्रणाली उपभोक्ताओं को बेहतर और अधिक पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस नई वर्टिकल प्रणाली के तहत, विद्युत विभाग के सभी कार्यों को विभिन्न विशिष्ट श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें तकनीकी, वाणिज्यिक और परीक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो अपने-अपने विशिष्ट कार्यों के लिए जिम्मेदार होंगे। इसका अर्थ है कि अब उपभोक्ता नया कनेक्शन लेने, बिलिंग संबंधी समस्या, मीटर में खराबी या लाइन में गड़बड़ी जैसी किसी भी जरूरत के लिए एक ही संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे, जिससे उन्हें बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
विद्युत नगरीय वितरण खंड-II के अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने से उपभोक्ताओं का बहुमूल्य समय बचेगा और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा, “उपभोक्ताओं को अब केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।” समस्याओं का समाधान अब ‘फेसलेस’ तरीके से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक परेशानी कम होगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए, विभिन्न श्रेणियों की समस्याओं के समाधान हेतु अलग-अलग हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में कुल सात और गाजियाबाद शहर में चार ऐसे हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में त्वरित प्रतिक्रिया वाहन (क्विक रिस्पांस व्हीकल) भी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगे।
मुख्य अभियंता (कार्यवाहक मुख्य अभियंता, जोन 3) पवन अग्रवाल ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आज से शहर में वर्टिकल व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे जोन 1 और 3 के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। इसके लिए हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जहाँ समस्याओं का समाधान बिना किसी परेशानी के किया जाएगा।” हालांकि, यह प्रणाली अभी जोन 2 (लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर) में लागू नहीं की जाएगी। यह नई व्यवस्था गाजियाबाद के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए सुविधा और दक्षता का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही है।
