गाजा में इजरायली हवाई हमले, 27 फलस्तीनियों की मौत; युद्धविराम पर मंडराया खतरा
इजरायल ने बुधवार को गाजा पट्टी में हवाई हमले कर भारी तबाही मचाई, जिसमें कम से कम 27 फलस्तीनी नागरिकों की जान चली गई। यह हमला हमास के नियंत्रण वाले इलाकों में किया गया, जिससे क्षेत्र में पिछले महीने प्रभावी हुए युद्धविराम के खतरे की आशंका बढ़ गई है।
नागरिक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, गाजा शहर के उत्तरी भाग में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि दक्षिणी खान यूनिस क्षेत्र में 10 लोगों ने जान गंवाई। इजरायली सेना ने दावा किया कि यह कार्रवाई उन आतंकवादियों की गोलीबारी के जवाब में की गई थी, जो सेना के दक्षिण में सक्रिय क्षेत्र की ओर से गोलीबारी कर रहे थे। सेना ने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है और उसके किसी भी सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। इसके जवाब में, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में हमास के आतंकवादी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए।
इन हमलों का असर लेबनान तक भी देखा गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि इजरायल के हवाई हमले में सिडोन शहर में 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इजरायली सेना ने कहा कि उसने सिडोन के पास एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर में चल रहे एक प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया, जिसे हमास द्वारा इजरायल के खिलाफ हमलों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। हमास ने इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह एक खुले खेल परिसर को निशाना बनाया गया, जिसका उपयोग शिविर निवासी करते थे और लेबनान में शरणार्थी शिविरों में कोई सैन्य प्रतिष्ठान नहीं है।
इसके अतिरिक्त, दक्षिणी लेबनान में बुधवार को भी हवाई हमले की सूचना मिली, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। इजरायली सेना ने इस इलाके में हिजबुल्ला के ठिकानों से सटे दो गांवों को खाली करने का आदेश दिया है, क्योंकि ऐसी आशंका है कि इन ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इन घटनाओं ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति बहाली के प्रयासों में तेजी लाने की मांग की जा रही है।
