गया में वृद्धा पेंशन और इंदिरा आवास के नाम पर 25 लाख का फर्जीवाड़ा, 60 लोगों को फंसाया
गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र में वृद्धा पेंशन और इंदिरा आवास योजना के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। चितापकला पंचायत के राजा बीघा और तेतरिया गांव के लगभग 60 गरीब और महादलितों को ठगा गया है। इन लोगों के नाम पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की योगापुर शाखा से वित्तीय वर्ष 2006-07 में बकरी पालन, मुर्गी पालन और सिंगार दुकान जैसे कामों के लिए 25 हजार और 20 हजार रुपये के ऋण निकाले गए हैं।
यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब बैंक के वसूली अधिकारी इन लोगों के घर पर बकाया राशि की वसूली के लिए पहुंचने लगे। पीड़ितों ने बताया कि पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि ने उन्हें पंचायती योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर लिए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार का ऋण नहीं लिया है।
पीड़ितों का आरोप है कि उचिरमा गांव के सुदर्शन शर्मा ने यह पूरा खेल खेला है। बैंक के वसूली अधिकारी रवीश कुमार ने पुष्टि की है कि 60 कर्जदारों से मिलने पर उन्होंने ऋण लेने से साफ इनकार किया है। आरोपित शर्मा ने बैंक आकर बात करने की बात कही थी, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसके बाद पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
अधिकारियों के अनुसार, अब इन लोगों पर 75 हजार से 1 लाख रुपये तक का बकाया हो चुका है, जिससे कुल फर्जीवाड़े की राशि 25 लाख रुपये से अधिक होने की आशंका है। मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने बैंक अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का निदान नहीं हुआ तो गरीब आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस घटना ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
