गोरखपुर में कोहरे ने बढ़ाई आफत, प्रदूषण की मोटी परत बनी, सांस लेना हुआ मुश्किल
गोरखपुर में घने कोहरे के कारण वायु गुणवत्ता (Air Quality) प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। नमी बढ़ने के कारण प्रदूषण के कारक निचले स्तर पर जमा हो जाएंगे, जिससे प्रदूषण की परत बन जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे एक्यूआइ (AQI) में बदलाव आएगा और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक विज्ञानी राममिलन वर्मा ने बताया कि घना कोहरा और ठंडी स्थिर हवा मिलकर वातावरण में प्रदूषण कणों को ऊपर उठने नहीं देती है। नमी बढ़ने से धूल-धुएं के कण आपस में चिपककर और घनी परत बनाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक प्रभावित होता है। इस समस्या के समाधान के लिए निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही कूड़ा-कचरा जलाने पर रोक लगाई गई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. बीके सुमन ने बताया कि एक्यूआइ बढ़ने से खांसी-जुकाम, गले में जलन, सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा और प्रदूषण से बचाकर रखें। आवश्यकता पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें।
