गोंडा में 5.08 करोड़ की वित्तीय अनियमितता: 21 सचिवों पर गिरी गाज, DPRO ने जारी की वसूली की नोटिस
गोंडा जिले में 27 ग्राम पंचायतों में तैनाती के दौरान 21 सचिवों पर 5 करोड़ 8 लाख 11 हजार 997 रुपये के अनियमित व्यय का आरोप लगा है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2022-23 की आडिट रिपोर्ट में सामने आया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने इन सभी सचिवों को वसूली की नोटिस जारी कर दी है और एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
पंचायतीराज विभाग गांवों में विकास कार्यों के लिए केंद्रीय वित्त और राज्य वित्त आयोग से धनराशि उपलब्ध कराता है। जिले की 1192 ग्राम पंचायतों को विभिन्न योजनाओं के तहत हर साल करोड़ों रुपये मिलते हैं। इन खर्चों की आडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा कराई जाती है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 की आडिट में 12 ब्लॉकों की 27 ग्राम पंचायतों में 5.08 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई। आडिट टीम को ग्राम पंचायतों द्वारा खर्च की गई धनराशि का कोई उचित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को भेजी थी।
डीपीआरओ लालजी दुबे ने संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन 21 सचिवों को नोटिस भेजी है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो अनियमित व्यय की गई धनराशि की वसूली के साथ ही विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कुछ सचिवों का तबादला हो चुका है, जिनमें अभिषेक विश्वकर्मा प्रयागराज और ऋषि प्रसाद अयोध्या जिले में तैनात हैं।
