उन्नाव में महिला दारोगा और दो सिपाही निलंबित, युवती को गलत तरीके से हिरासत में रखने का मामला – unnao police action
उन्नाव में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक युवती को अवैध रूप से हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोप में एक महिला दारोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हुई है। युवती ने आरोप लगाया था कि चोरी के एक मामले में पूछताछ के दौरान उसे कोतवाली के पुरुष लॉकअप में रखा गया और मानसिक प्रताड़ना दी गई।
यह मामला तब सामने आया जब युवती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने बताया कि पांच से आठ अगस्त के बीच पूछताछ के दौरान उसे न केवल प्रताड़ित किया गया, बल्कि सात अगस्त की रात को अवैध रूप से पुरुष लॉकअप में भी रखा गया। पुलिसकर्मियों पर अभद्र टिप्पणी करने और पैसे लेकर रिश्तेदारों को छोड़ने का भी आरोप है।
पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन, हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में लापरवाही पर नाराजगी जताए जाने के बाद, एसपी जयप्रकाश सिंह ने लाइन हाजिर किए गए सिपाही संजय भाटी व अर्पित के अलावा महिला दारोगा उमा अग्रवाल को भी निलंबित करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जनता के विश्वास को बहाल करने में सहायक हो सकती है।
