सरकारी स्कूल में बच्चों पर जुल्म, गार्ड की दरिंदगी से तंग आकर 15 बच्चे भागे; जांच में खुली पोल
पाकुड़ के किताझोर स्थित अनुसूचित जाति आवासीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रताड़ना से परेशान होकर कक्षा पांच के 15 बच्चे रात के अंधेरे में छात्रावास से भाग निकले। बच्चों के भागने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम हरकत में आई और बच्चों को ढूंढ निकाला। बच्चों से पूछताछ में छात्रावास की बदहाली और अनियमितताओं की पूरी कहानी सामने आई।
बच्चों ने बताया कि छात्रावास का गार्ड विनय मिश्रा शराब के नशे में अक्सर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। उन्हें मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता था, बल्कि सड़ी-गली सब्जियां और खराब बादाम-चना खाने को दिया जाता था। बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि छुट्टी के बाद देर से लौटने पर उनसे 100 रुपये विलंब शुल्क लिया जाता था, और गार्ड शराब पीने के लिए उनके बैग से पैसे निकाल लेता था।
उपायुक्त के निर्देश पर अंचलाधिकारी और नगर प्रशासक की संयुक्त टीम ने छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। कमरों में गंदगी फैली थी, और बच्चों के उपयोग के लिए दिए गए टीवी और कंप्यूटर सिस्टम खराब पड़े थे। बच्चों ने बताया कि उन्हें खेलने के लिए भी मना किया जाता था और कपड़े का गेंद बनाकर खेलने पर भी मारा-पीटा जाता था।
बच्चों ने वार्डन प्रतिमा मिश्रा पर भी मारपीट करने और गंदे कपड़े धुलवाने का आरोप लगाया। जांच टीम ने पाया कि बच्चों को सरकारी सामग्री जैसे जूते और स्वेटर भी समय पर नहीं मिले थे। जांच के दौरान गार्ड विनय मिश्रा नशे की हालत में मिला, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रभारी एसडीपीओ ने बच्चों के बयान सुने और कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
