सरकारी खरीद में देरी से किसान परेशान, चक्रधरपुर में बिचौलियों के हाथों सस्ते में बिक रहा धान
चाईबासा जिले के चक्रधरपुर में लैंपस में धान खरीद में देरी से किसान परेशान हैं। वे अपनी फसल को कम दामों पर बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर हैं। इस वर्ष धान की फसल बेहतर हुई है। चक्रधरपुर में किसानों को दो उन्नत किस्म के धान के बीज उपलब्ध कराए गए थे, जिनमें स्वर्णा 7029 तथा 1010 शामिल थे। क्षेत्र में 80 फीसद धान की कटाई पूरी हो गई है।
किसानों का कहना है कि धान को पैकिंग कर वाहन को भाड़ा देकर, मजदूरों को प्रति बोरा मेहताना देकर केंद्र तक पहुंचाया जाता है। जिसमें हमारी जेब ढीली हो जाती है। उसके बाद भी धान के बदले मिलने वाली राशि के लिए महीनों का इंतजार करना कष्टकार है। जोसेफ पूर्ति नामक किसान ने बताया कि उन्होंने अपनी धान की फसल बेच दी है। हालांकि सरकारी दर से थोड़ी कम पैसा मिलता है, लेकिन भागमगाम से बच जाते हैं। धान अधिप्राप्ति केंद्र में उपज देने के बाद पैसे के लिए महीनों लग जाते हैं, जबकि बाजार में बेच देने से हाथों हाथ पैसे मिल जाते हैं और समय पर हमारी जरूरत भी पूरी हो जाती है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार महतो ने बताया कि धान अधिप्राप्ति के लिए किसानों को पंजीयन कराना होगा। पूर्व में पंजीकृत किसानों को पंजीयन नहीं कराना है। वहीं, गोपीनाथपुर लैम्पस के सचिव बनबिहारी लोहार ने बताया कि मंगलवार को जिला मुख्यालय में धान अधिप्राप्ति के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद में प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष दो नहीं, एक ही किस्त में किसानों को पूरी राशि दी जाएगी।
