नकली इनहेलर रैकेट: आगरा में जुबैर का सुराग नहीं, नकली लेबल बरामद
नकली दवाइयों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए औषधि विभाग की लखनऊ से आई विशेष टीम ने आगरा के फव्वारा दवा बाजार में छापा मारा। इस दौरान आठ जिलों के औषधि निरीक्षक भी मौजूद रहे। हालांकि, छापेमारी में विभाग के हाथ लावारिस दवाइयां लगीं और मुख्य आरोपी जुबैर खान का कोई सुराग नहीं मिला।
विभाग ने हींग की मंडी में जुबैर खान के घर पर छापा मारा, जहां एक विख्यात दवा कंपनी के इनहेलर के 8000 प्रिंटेड लेबल बरामद हुए। जुबैर खुद तो हाथ नहीं आया, लेकिन उसके चाचा मिले। विभाग ने अभी तक किसी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे गिरफ्तारी की संभावना भी फिलहाल नहीं है। इतनी बड़ी संख्या में लेबल मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं नकली इनहेलर बनाने की फैक्ट्री भी संचालित हो रही है।
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि आरोपी को पहले नोटिस भेजा जाएगा, जिसकी कोई समय सीमा तय नहीं है। जवाब न मिलने पर ही मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, न्यू भगवती मेडिकल एजेंसी, राजधानी मेडिकल एजेंसी और ओम मेडिकल स्टोर को भी नोटिस भेजा जा रहा है, जिनके खरीद-फरोख्त के बिल छापेमारी में नहीं मिले थे। इन दुकानों से लिए गए दवाइयों के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
आरोप है कि विभाग ने संबंधित दवा कंपनी से संपर्क नहीं किया, जिससे लेबल के बैच नंबरों की सत्यता का पता लगाया जा सकता था। यह भी सवाल उठ रहा है कि शहर के अस्पतालों के अंदर चल रहे मेडिकल स्टोरों से विभाग क्यों नहीं पूछताछ करता, जो अक्सर बिना किसी रिकॉर्ड के दवाइयां बेचते हैं।
सहायक औषधि आयुक्त, आगरा मंडल, अतुल उपाध्याय ने बताया कि एक्ट के अनुसार पहले फार्मा कंपनी और जुबैर को नोटिस भेजा जा रहा है। कंपनी के जवाब से लेबल की प्रामाणिकता का पता चलेगा। जुबैर का जवाब न आने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, जिसमें समय लग सकता है।
