0

सोनभद्र में मौत का ‘धमाका’! बैन के बावजूद हिल रही धरती, घरों में दरारें

By Dec 12, 2025

सोनभद्र जिले के जाताजुआ और ड्योढी गांव के लोग इन दिनों दहशत में जी रहे हैं। यहां की पहाड़ियों पर अवैध रूप से भारी ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे उनकी धड़कनें तेज हो जाती हैं और धरती हिलने लगती है। ग्रामीणों को ऐसा महसूस होता है जैसे भूकंप आ गया हो। ब्लास्टिंग के कारण कई घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं।

यह स्थिति तब है जब ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी में 15 नवंबर को हुए खनन हादसे के बाद जिले में ब्लास्टिंग पर रोक लगा दी गई थी। उस दुर्घटना में पत्थर से दबकर सात श्रमिकों की मौत हो गई थी। बावजूद इसके, जाताजुआ और ड्योढी गांव में खनन माफिया बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीण अरविंद कुमार यादव, राकेश यादव और अन्य लोगों ने बताया कि ब्लास्टिंग इतनी तेज होती है कि दूर स्थित घरों की दीवारें भी दरक जाती हैं। खनन विभाग ने यह लीज 10 वर्ष के लिए दी थी, जिसमें यह आश्वासन दिया गया था कि पत्थर तोड़ने के लिए केमिकल प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा, ब्लास्टिंग का नहीं। लेकिन ठेकेदार लगातार भारी ब्लास्टिंग कर रहा है।

ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई केवल दिखावटी होती है। अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय जनता की सुरक्षा भी दांव पर है। बिना जांच के खनन शुरू करना खतरे की घंटी है, और प्रशासन की अनदेखी से राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें