नोएडा में सांस लेना भी मुश्किल: AQI 400 के पार, देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना
नोएडा की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 395 से 435 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। ग्रेटर नोएडा भी तीसरे स्थान पर रहा। इस गंभीर प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है और उन्हें घरों से बाहर निकलते समय मास्क पहनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
शहर के कुछ सेक्टरों में स्थिति और भी गंभीर है। सेक्टर 125 का AQI 415 और सेक्टर 116 का 435 ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में अवैध RMC प्लांट चल रहे हैं, जिनके कारण प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से रात तक इन प्लांटों के लगातार काम करने से उन्हें प्रदूषित हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नोएडा अथॉरिटी की ओर से भी लापरवाही बरती जा रही है। सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है, और निर्माण कार्य के दौरान नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। शहर में खोदी गई सड़कों से धूल उड़ने की कई शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। नोटिस और जुर्माने भी बेअसर साबित हो रहे हैं।
मौसम की स्थिति भी प्रदूषण को बढ़ावा दे रही है। हवा की गति कम होने (6 किमी प्रति घंटे) के कारण प्रदूषण की परत हट नहीं पा रही है। रात का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे प्रदूषक तत्व हवा में ही बने रहते हैं।
