चुनाव आयोग का बड़ा तोहफा: BLO का वेतन दोगुना, सुपरवाइजरों की भी बल्ले-बल्ले
चुनाव आयोग ने शनिवार को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का पारिश्रमिक 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया। इस फैसले में बीएलओ सुपरवाइजरों का वेतन भी बढ़ा दिया गया है, जिनका पारिश्रमिक 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बताया कि ऐसा अंतिम संशोधन 2015 में किया गया था।
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बीएलओ पर्यवेक्षक और बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) से युक्त मतदाता सूची तंत्र कड़ी मेहनत करता है और निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आगे कहा कि इसलिए आयोग ने बीएलओ के वार्षिक पारिश्रमिक को दोगुना करने का फैसला किया है और मतदाता सूची की तैयारी और संशोधन में शामिल बीएलओ पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में भी वृद्धि की है।
चुनाव आयोग से मानदेय बढ़ाने का आदेश आने के बाद अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इसका प्रस्ताव राज्य सरकारों को भेज दिया है।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी करने, किसी भी विसंगति की पहचान करने तथा देश भर में बीएलओ के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए सात सदस्यीय राष्ट्रीय समन्वय टीम का गठन किया है। समिति का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ करेंगे, जबकि सदस्य डॉ. के. लक्ष्मण, के. अन्नामलाई, ओम प्रकाश धनखड़, अलका गुर्जर, डॉ. अनिर्बान गांगुली और जामयांग त्सेरिंग नामग्याल होंगे।
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