केरल कांग्रेस में टिकट बंटवारे से पहले ही बगावत रोकने की कवायद, ‘बागी’ नेताओं को मनाने की रणनीति
केरल में कांग्रेस टिकट बंटवारे को लेकर बेहद सतर्कता बरत रही है। सांसदों के दबाव के बावजूद उन्हें चुनाव मैदान में उतारने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, पार्टी ने टिकट बंटवारे के बाद होने वाली किसी भी संभावित बगावत को रोकने के लिए अभी से ‘बागी’ उम्मीदवारों को मनाने का काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि राज्य की 140 विधानसभा सीटों में से करीब तीन दर्जन ऐसी हैं, जहां एक से अधिक मजबूत उम्मीदवार हैं। यह स्थिति पार्टी के लिए चुनौती पेश कर रही है, क्योंकि एक को टिकट मिलने पर दूसरा बागी हो सकता है।
इस समस्या से निपटने के लिए कांग्रेस ने एक रणनीति तैयार की है। जिसके तहत, जिस दावेदार को टिकट नहीं मिलेगा, उसे सरकार बनने की स्थिति में किसी बोर्ड या निगम में जगह दी जाएगी। वहीं, जो उम्मीदवार चुनाव हार जाएगा, उसे सरकार में कोई पद नहीं मिलेगा। इस फॉर्मूले से कई मजबूत दावेदार पीछे हटने को तैयार हुए हैं। पार्टी के सामने सबसे बड़ी दिक्कत मौजूदा विधायकों के खिलाफ नाराजगी और अन्य नेताओं की दावेदारी है। 2021 के चुनाव में कांग्रेस को 22 सीटें मिली थीं और पार्टी सभी मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट देने की पक्षधर है। इस बार कांग्रेस किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती है, ताकि सत्ता में वापसी की राह आसान हो सके।
