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बिहार में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली: 7वीं के बच्चे और BPSC शिक्षक दोनों नहीं जानते राज्यपाल का नाम

By Dec 10, 2025

बिहार के खरीक प्रखंड में जिलाधिकारी के आदेश पर शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की गई। जांच टीम में नवगछिया पीजीआरओ सोनी कुमारी और खरीक बीडीओ मोना कुमारी शामिल थीं। जांच के दौरान हर जगह गड़बड़ियां सामने आईं, जिसने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

जांच टीम ने सबसे पहले तुलसीपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-104 का दौरा किया, जहां केंद्र बंद पाया गया और सेविका गायब थी। केंद्र संख्या-78 पर 27 बच्चे उपस्थित थे, जबकि सेविका ने 38 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की थी। ध्रुबगंज के केंद्र संख्या-99 में भी भारी अनियमितताएं मिलीं, जिसके लिए शोकाज किया गया है।

उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय (हिंदी) ध्रुबगंज में जांच के दौरान शिक्षिका अनुपस्थित पाई गईं। बीडीओ और पीजीआरओ ने कक्षा 07 के बच्चों से सवाल पूछे, लेकिन बच्चे जवाब नहीं दे सके। कक्षा 09 में बीपीएससी से चयनित शिक्षक संजीव कुमार भी बिहार के राज्यपाल का नाम नहीं बता सके। यह घटना बिहार में शिक्षक चयन प्रक्रिया और शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता पैदा करती है।

जांच टीम के आने की सूचना मिलते ही खरीक बाजार के खाद दुकानदार दुकानें बंद कर फरार हो गए। बीडीओ ने सभी दुकानदारों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

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