बिहार में ठंड का ‘डबल अटैक’: पारा 8°C, 30 km/h की रफ्तार से हवा; ट्रेनें रद्द, शीतलहर का अलर्ट जारी
बिहार में सर्दी का असर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान कई जिलों में 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे कनकनी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन रात के तापमान में गिरावट के कारण ठंड का एहसास और तेज होगा। पछुआ हवा की रफ्तार भी बढ़ी है और अगले 24 घंटे में 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवा चलने की संभावना है, जिससे ठंड और अधिक चुभन भरी हो सकती है।
सुबह के समय कई जिलों में घना कोहरा छाया रहने से विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इसका सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा। पटना जंक्शन पर सात ट्रेनें लेट रहीं, चार को रद्द करना पड़ा और एक ट्रेन को रिशेड्यूल किया गया। बेतिया में पिछले 24 घंटों में सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि पटना में भी सुबह कुहासा छाया रहा। शेखपुरा में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा।
इधर, कोहरे का असर दिल्ली जाने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा है। उपासना एक्सप्रेस 8 दिसंबर को रद्द रहेगी। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस 8 और 10 दिसंबर को नहीं चलेगी। महानंदा एक्सप्रेस को 11, 14 और 18 दिसंबर को रद्द किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने साफ किया है कि अगले एक सप्ताह तक शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है और बारिश की भी कोई उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर-नीचे रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम सूखा रहेगा।
तेजस्वी यादव को शिवानंद तिवारी की खरी-खरी: ‘विदेश से लौटकर कार्यकर्ताओं से मिलें, वरना भविष्य खतरे में’
बेतिया बस स्टैंड पर लाखों की चोरी: शादी में आए मेहमान का गहनों से भरा बैग लेकर भागा टेंपो चालक
किशनगंज में डंपर की चपेट में आने से पति की मौत, पत्नी और पोता घायल; ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
बिहार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन, अब ग्रामीण इलाकों में भी निडर होकर चलेंगी बेटियां
मुजफ्फरपुर: नगर निगम की लापरवाही से परेशान ठेकेदार ने छोड़ा पार्किंग का ठेका, कहा- ‘वसूली करना असंभव’
‘मुख्यालय का रेट’ बताकर घूस मांग रहा था बिहार का ये ASI, वीडियो वायरल होते ही SP ने किया सस्पेंड
बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ वाला साहित्य ज़रूरी: पटना में NCPUL कार्यक्रम
मुंगेर में बड़ा रेल हादसा टला, दो घंटे तक थमा रहा परिचालन; इंजन का पेंटोग्राफ फंसा तार में
