लखीसराय में कुत्तों का आतंक: 11 महीने में 6000 से अधिक लोग घायल, प्रशासन बेखबर
बिहार के लखीसराय जिले में आवारा कुत्तों का खौफ लगातार बढ़ रहा है। पिछले 11 महीनों में 6,070 से अधिक लोग कुत्तों के काटने से घायल हो चुके हैं, जो इस गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से नवंबर 2025 तक 6,070 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए। वहीं, वर्ष 2024 में भी 11,226 लोग घायल हुए थे। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में इनका आतंक और बढ़ जाता है।
नगर परिषद अधिनियम के तहत आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कांजी हाउस, प्रशिक्षित कर्मचारी और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था अनिवार्य है। हालांकि, लखीसराय, बड़हिया और सूर्यगढ़ा नगर परिषदों में इनमें से कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। पशुपालन विभाग के पास भी आवारा कुत्तों की संख्या का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में सभी नगर निकायों को आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय गृहों में रखने का आदेश दिया था, लेकिन इसका जिले में कोई असर नहीं दिख रहा है। नगर परिषद लखीसराय के कार्यपालक पदाधिकारी ने शीघ्र व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जबकि जिला पशुपालन पदाधिकारी ने कहा है कि यह नगर प्रशासन की जिम्मेदारी है।
